भारत माँ की कसम
अब भी जोश मेरे सीनेमे है बाकी भले दुष्मनने गोलीया चलाई है दुष्मनने पीठपे गोली चलाई है मेरा सीना तो अबभी खाली है । दुष्मनकी गोलीमे वो ताकत कहाँ जो मेरे सीनेके पार हो जाये ये तो बस अपनोेकी बेवफाई है जो सिनेपे नही पिठपे वार करते है । ना निराश हूँ ना ऊम्मीद खोई है […]
