पद्य आणि मृत्युविचार : भाग-७-ब/ ११

[ उर्दू-हिंदी-हिंदुस्तानी काव्य  : ( पुढे चालू ) ]

    उर्दू  काव्य:

प-ए-फ़ातहा कोई आए क्यों, कोई चार फूल चढ़ाए क्यों

कोई आके शम्मा जलाए क्यों, मैं वो बेकसी का मज़ार हूँ  ।

  • बहादुरशाह ज़फ़र

( ही गझल ज़फ़र यांची आहे, असें म्हटलें जातें . पण हल्ली ,

ही वास्तवात मुश्तर खैराबादी यांची आहे, असें मानतात. ) .

[ प-ए-फ़ातहा : फ़ातहा ‘पढण्या’साठी (वाचण्यासाठी / म्हणण्यासाठी )

फातहा  : मृतासाठी / मृतात्म्यासाठी करण्यांत येणारी प्रार्थना

मज़ार : समाधी / कबर  ]

हो गई शह्.र  शह्.र  रुसवाई

ऐ मेरी मौत, तू भली आई  ।

  • मीर

मौत का एक दिन मुअय्यन है

नींद क्यों रातभर नहीं आती ?

  • ग़ालिब

लाई हयात, आए ;  क़ज़ा ले चली, चले

अपनी ख़ुशी न आए , न अपनी ख़ुशी चले ।

( क़ज़ा : मृत्यू   ;   हयात  : जीवन )

  • ज़ौक

मौत से क्यूँ इतनी दहशत, जान क्यूँ इतनी अज़ीज़

मौत आने के लिये है, जान जाने के लिये है ।

  • वफ़ा

क़रीब मौत खड़ी है, ज़रा ठहर जाओ

क़ज़ा से आँख लड़ी है, ज़रा ठहर जाओ ।

  • सैफ़ुद्दीन सैफ़

क़ैदे हस्ती से कब नजात ‘जिगर’

मौत आई अगर हयात आई  ।

( नजात : मुक्ती )

  • जिगर मुरादावादी

मौत क्या है, ज़माने को समझाऊँ क्या

इक मुसाफ़िर को रस्ते में नींद आ गई ।

  • दिल लखनवी

बेदम हूँ और जीने से बेज़ार हूँ मैं

बेज़ार हूँ और मरने को तैयार हूँ मै

तैयार हूं लेकिन नहीं मरता ‘बेद

ये कैसी कश्मकश में गिरफ़्तार हूँ मैं ।

( दम : श्वास )

  • बेदम वारसी

क्या पता कब कहाँ से मारेगी ?

बस कि मैं ज़िंदगी से डरता हूँ

मौत का क्या है, एक बार मारेगी ।

  • गुलज़ार

सिर्फ़ मिट्टी है ये मिट्टी

मिट्टी को मिट्टी में दफ़नाते हुये

रोते क्यों हो ?

  • गुलज़ार

उससे ज़िंदगी ले चली है, सवारी मौत की

रास्ता पार इधर करें या उधर करें ।

  • हसन कमाल

हसरतों के हाथ से जो आजतक दफ़ना गए

उन मज़ारों की दहकती सिसकियाँ दे दो मुझे ।

  • इलाही जमादार

दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिये  ।

  • शहरयार

प्रेमाच्या संदर्भात लिहिलेल्या काव्यामध्येही असा मृत्यूचा उल्लेख येतो.

अशी अनेक अन्य उदाहरणें हिंदी-हिंदुस्तानी-उर्दूमध्ये मिळतात.

*

— सुभाष स. नाईक    
Subhash S. Naik                                      

(पुढे चालू) …..



महासिटीज…..ओळख महाराष्ट्राची

50-chandrabhaga

पंढरपूरची चंद्रभागा नदी

भीमा नदी पंढरपुरात चंद्रभागा नावाने ओळखली जाते. भाविक पंढरीत पाऊल ...
p-2281-kadav-ganpati-temple

दिगंबर सिद्धीविनायक, कडाव

कर्जत तालुक्यातील कडाव गावामधील हे बाल दिगंबर गणेशाचे अतिप्राचीन मंदिर ...
p-2062-Ralegan-Siddhi-04

पर्यावरण संवर्धक राळेगणसिध्दी

अहमदनगर जिल्ह्यातील राळेगण सिध्दी हे गाव मध्य महाराष्ट्रातील अहमदनगर जिल्ह्याच्या पारनेर ...
marathi-barakhadi-chaudakhadi

मराठी बाराखडी आता चौदाखडी

मराठी बाराखडीची ओळख तर आपल्या सर्वांना शाळेपासूनच होते. मात्र आता ...

Loading…

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*