अहमद फराज
‘मेरा कलम तो अमानत है मेरे लोगों की, मेरा कलम तो अदालत मेरे जमीर की है’ किंवा ‘अब के हम बिछडे तो शायद कभी ख्वाबों में मिले, जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिले’ लिहिणारे शायर अहमद फराज. ऊर्दू शायर अहमद फराज यांचा जन्म १२ डिसेंबर १९३१ रोजी नौशेहरा (पाकिस्तान) येथे झाला. प्रेमातील मिलन, विरह, प्रतीक्षा […]
